शासन के आदेश में ये आरोप
- एनएच-730 (रामनगर के सिसवा बाबू) के चैनेज 484.00 से 505.120 के चौड़ीकरण कार्य में बिना स्वीकृति के निविदा आमंत्रित करना।
- त्रुटिपूर्ण लंबाई अंकित करते हुए 2.73 किमी की अधिक स्वीकृति प्राप्त करना।
- गलत आरओडब्ल्यू (चौड़ाई) अंकित करना।
यह मामला
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने महराजगंज में एनएच-एच 730 के रामनगर से सिसवा बाबू सेक्शन के लिए 2018 में 21.12 किमी सड़क निर्माण की डीपीआर को मंजूरी दी थी। हालांकि सड़क के इस भाग की कुल लंबाई 18.39 किमी ही है। यानी 2.73 किमी सड़क ज्यादा दिखाकर 26.94 करोड़ हड़पने के लिए पूरा खेल किया गया।
यही नहीं, राजमार्ग के चैनेज 501.85 पर स्थित सक्सेना चौराहे पर सड़क की भूमि की चौड़ाई (आरओडब्ल्यू) 30 मीटर दिखाया गया। जबकि, चौराहे पर राजमार्ग की भूमि मात्र 16 मीटर ही उपलब्ध है। इतना ही नहीं सड़क के चौड़ीकरण कार्य में बिना स्वीकृति के निविदा भी आमंत्रित कर ली गई।