उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की करीब दो दर्जन भर्तियां कई महीनों से जहां की तहां अटकी हुई हैं। कई भर्तियों के परिणाम जारी नहीं हो पा रहे। कई भर्तियों में आवेदन व आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी हो चुकी है, लेकिन पाठ्यक्रम व परीक्षा योजना नहीं जारी हो रही। इससे आवेदकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सपा शासनकाल में यूपीएसएसएससी में निकाले गए 11 अलग-अलग विज्ञापनों पर भर्ती की कार्यवाही विभिन्न स्तर पर लंबित है। वहीं, मौजूदा सरकार के कार्यकाल की करीब एक दर्जन भर्तियों की प्रक्रिया भी ठप पड़ी है। इन भर्तियों में 12 हजार से अधिक रिक्त पदों पर नियुक्तियां होनी है। इसके लिए लाखों युवाओं ने आवेदन किया है।
आयोग ने 31 जनवरी को अपडेटेड भर्ती कैलेंडर जारी किया था। मगर, फरवरी-मार्च में प्रस्तावित कोई कार्यवाही नहीं हुई। बची कसर कोरोना महामारी ने पूरी कर दी। लॉकडाउन खुलने के बाद अभ्यर्थियों को यह उम्मीद थी कि आयोग नया विज्ञापन, लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट शुरू करेगा।
इंटरव्यू लिए जाएंगे। लिखित परीक्षाओं के रिजल्ट जारी होंगे। जिनके रिजल्ट आ गए हैं, उनके अभिलेख जांच का काम शुरू करवाएगा। मगर, पूरी गतिविधि अभी भी ठप पड़ी है।