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हवा में सड़क...दो साल मामला दबाने के बाद अब जांच के आदेश, पीडब्ल्यूडी के आरोपी एक्सईएन मिले जिम्मेदार

Wed, 24 Jun 2020 10:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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फाइल फोटो
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महराजगंज के ‘हवा’ में 27 करोड़ रुपये की सड़क मंजूर कराने में शासन ने आरोपी एक्सईएन प्रेम प्रकाश के खिलाफ जांच के आदेश दिया है। प्रेम प्रकाश को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाया गया है। अफसर दो साल से यह मामला दबाए बैठे थे। 
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‘अमर उजाला’ के 20 जून के अंक में इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद सचिव, पीडब्ल्यूडी रंजन कुमार ने मंगलवार को उसके खिलाफ नियम-7 के तहत कार्रवाई के आदेश दे दिए। इसमें सेवा से बर्खास्तगी तक का प्रावधान है। पीडब्ल्यूडी के अयोध्या क्षेत्र के मुख्य अभियंता को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि महराजगंज में एनएच-730 के रामनगर से सिसवा बाबू सेक्शन की निर्माणाधीन सड़क की डीपीआर में घपला वर्ष 2018 में ही पकड़ में आ गया था। 
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इंजीनियर जिस ठेकेदार को काम देना चाहते थे, उसके बजाय टेंडर में एल-1 (सबसे कम दर पर काम) कोई और ठेकेदार आ गया। काम एल-1 ठेकेदार को मिला तो मामला खुलते देर नहीं लगी। लेकिन, हैरत की बात यह है कि आरोपी एक्सईएन को इन दो वर्षों में एक सामान्य कारण बताओ नोटिस तक नहीं दी गई। मामला इस दफ्तर से उस दफ्तर तक आपत्तियों में ही फंसाकर रखा गया, ताकि इसे पेंडिंग रखा जा सके।
 
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शासन के आदेश में ये आरोप
  • एनएच-730 (रामनगर के सिसवा बाबू) के चैनेज 484.00 से 505.120 के चौड़ीकरण कार्य में बिना स्वीकृति के निविदा आमंत्रित करना।
  • त्रुटिपूर्ण लंबाई अंकित करते हुए 2.73 किमी की अधिक स्वीकृति प्राप्त करना। 
  • गलत आरओडब्ल्यू (चौड़ाई) अंकित करना।
यह मामला 
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने महराजगंज में एनएच-एच 730 के रामनगर से सिसवा बाबू सेक्शन के लिए 2018 में 21.12 किमी सड़क निर्माण की डीपीआर को मंजूरी दी थी। हालांकि सड़क के इस भाग की कुल लंबाई 18.39 किमी ही है। यानी 2.73 किमी सड़क ज्यादा दिखाकर 26.94 करोड़ हड़पने के लिए पूरा खेल किया गया।

यही नहीं, राजमार्ग के चैनेज 501.85 पर स्थित सक्सेना चौराहे पर सड़क की भूमि की चौड़ाई (आरओडब्ल्यू) 30 मीटर दिखाया गया। जबकि, चौराहे पर राजमार्ग की भूमि मात्र 16 मीटर ही उपलब्ध है। इतना ही नहीं सड़क के चौड़ीकरण कार्य में बिना स्वीकृति के निविदा भी आमंत्रित कर ली गई।
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