पुष्पा हेल्थ केयर बिना थोक लाइसेंस गोरखपुर के बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही थी। जांच में यह तथ्य सामने आने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कंपनी के खिलाफ तथ्यों को छिपाने का मुकदमा सेशन कोर्ट में दर्ज कराया है।
कंपनी पर आरोप है कि उसने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दी, जिससे कई बच्चों की मौत हो गई थी। एफएसडीए ने अगस्त में पुष्पा हेल्थ केयर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और राजस्थान की आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट एंड केमिकल्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर ऑक्सीजन की आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज मांगे थे।
इस पर पुष्पा हेल्थ केयर के निदेशक चंद्रशेखर भंडारी के वकील ने एफएसडीए को भेजे जवाब में बताया कि गोरखपुर में उनकी कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। सभी दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं। अब कोई भी दस्तावेज नहीं दे सकते। वहीं, आईनॉक्स की तरफ से जवाब आया कि उसने पुष्पा हेल्थ केयर को ऑक्सीजन की आपूर्ति की है।
इसी जांच में सामने आया कि पुष्पा हेल्थ केयर बिना थोक लाइसेंस के ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही थी। इसके बाद एफएसडीए ने बृहस्पतिवार को सेशन कोर्ट में पुष्पा हेल्थ केयर के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। गोरखपुर के प्रिंसिपल ने तो एफएसडीए के नोटिस का जवाब ही नहीं दिया।
बच्चों की मौत की आरोपी कंपनी लखनऊ की
डेमो
- फोटो : demo pic
पुष्पा हेल्थ केयर ने भुगतान न होने के कारण बीआरडी मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन की आपूर्ति रोक दी थी। इससे बड़ी संख्या में वहां आईसीयू में भर्ती बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। जांच में पता चला था कि पुष्पा हेल्थ केयर का लखनऊ के आलमबाग के रामनगर में ऑफिस है।
इसका हेड ऑफिस ग्रेटर कैलाश दिल्ली में है। इस ममले में एक निदेशक को गिरफ्तार भी किया गया था। थोक सप्लाई का लाइसेंस न होने के बावजूद पुष्पा हेल्थ केयर को ऑक्सीजन देने वाली आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट एंड केमिकल्स राजस्थान को भी एफएसडीए नोटिस देगा। आईनॉक्स ने बिना लाइसेंस देखे ही पुष्पा हेल्थ केयर को ऑक्सीजन की आपूर्ति की थी, जो ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन है। लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली आईनॉक्स यूएसए की कंपनी है और इसका हेड ऑफिस मुंबई में है।
पुष्पा हेल्थ केयर पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन करने और थोक लाइसेंस न होने के बावजूद ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का आरोप है। उसके खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 18/27 ए,बी,सी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
-रमाशंकर, ड्रग इंस्पेक्टर, एफएसडीए