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महिलाओं व बच्चों के प्रति अपराध के 1388 मामलों में सजा 

Fri, 16 Oct 2020 08:18 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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हथकड़ी - फोटो : social media
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प्रदेश के अभियोजन विभाग पिछले एक अरसे में महिलाओं व बच्चों के प्रति हुए अपराध के मामलों में से 1388 प्रकरणों में आरोपियों को सजा दिलाने में कामयाबी हासिल की है। इनमें 926 मामले अगस्त से दिसंबर 2019 के हैं जबकि 462 मामले अगस्त 2020 तक के हैं। 
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अपर पुलिस महानिदेशक अभियोजन आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि 17 अक्टूबर, 2020 से 22 अप्रैल, 2021 के मध्य संचालित मिशन शक्ति अभियान की अवधि में प्रभावी अभियोजन के माध्यम से बलात्कार, बलात्कार सहित हत्या, बलात्कार के प्रयास एवं बालकों के विरूद्ध यौन अपराध करने वाले अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। छेड़खानी, लज्जा भंग, पीछा करने वाले शोहदों, फब्तियां कसने वालों, अनायास घूरने वालों, तेजाब हमला करने वालों, अश्लीलता करने वालों, अनैतिक देह व्यापार कराने वालों, शराब पीकर हुड़दंग करने वालों, चेन स्नैचर्स और गुण्डा प्रवृति के अपराधियों को भी जमानतें खारिज कराकर कठोर सजा भी दिलाई जाएगी।
 
शक्ति साक्षी हेल्प लाइन के अन्तर्गत अभियोजन निदेशालय मुख्यालय परिसर में साक्षी एवं पीड़ित हेल्प लाइन स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से डेडीकेटेड हेल्प लाइन न0 0522-2720712 तथा सीयूजी न0 09454005715 पर कोई भी पीड़ित अथवा अभियोजन साक्षी सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक अपने अभियोग की अद्यतन स्थिति तथा नि:शुल्क विधिक परामर्श प्राप्त कर सकेगा। साथ ही साक्षी सर्वोपरि विटनेस फस्र्ट अभियान के अन्तर्गत ऐसे चिन्हित अभियोग जिनमें शीघ्रतम गवाही कराकर अपराधियों को दण्डित कराया जा सकता है, उन्हें प्रत्येक प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराते हुए नियत तिथि पर ही उनका साक्ष्य पूर्ण किया जाएगा।
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एडीजी ने बताया कि साक्षी जागरूकता अभियान के अन्तर्गत अभियोजकों, विवेचकों एवं साक्षियों के पारस्परिक सामंजस्य तथा विश्वास को बलवती करने के उद्देश्य से विभिन्न जिला मुख्यालयों एवं विभिन्न थाना स्तरों पर साक्षी जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अभियोजन निदेशालय पहली बार अपनी अधिकारिक वेबसाइट  http://upprosecution. upsdc.gov.in/hi-in/  शीघ्र लांच करेगा जिस पर विभागीय गतिविधियों के अतिरिक्त विवेचकों, महिलाओं एवं अभियोजकों हेतु विधिक जानकारी एवं लोकोपयोगी लेख उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अभियोजन निदेशालय द्वारा अपना अधिकारिक यू-ट्यूब चैनल  UP Prosecution  भी आरम्भ किया जायेगा।
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