फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: पर्यावरण व औषधि रसायन को बढ़ावा देगा पुनर्वास विवि

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में रसायनशास्त्र की पढ़ाई अब नए लक्ष्य के साथ कराई जाएगी। सामान्य अध्ययन के साथ ही मुख्य ध्यान पर्यावरण और औषधि रसायन को बढ़ावा देने पर होगा। कुलपति प्रो. संजय सिंह के सामने विभागीय प्रस्तुतीकरण के दौरान यह जानकारी दी गई।
विज्ञापन


रसायनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह के साथ ही प्रस्तुतीकरण में डॉ. रूप कुमार, डॉ. शैलेश सिंह एवं डॉ. शिवा अरुण उपस्थित रहे। इस दौरान विभाग की एक वर्षीय, तीन वर्षीय एवं पांच वर्षीय कार्ययोजना पेश की गई। डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि पर्यावरण इस समय बड़ा मुद्दा है। रसायनों के बारे में सही जानकारी न होने से काफी जगह इनका गलत उपयोग हो रहा है। इसके चलते पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। यही बात दवाओं पर भी लागू है। इसलिए इन दोनों पक्षों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इससे पर्यावरण और दवाओं की स्थिति बेहतर होगी। इसके साथ ही अगले शैक्षिक सत्र से नया कोर्स प्रोग्राम बीएस-एमएस शुरू करने पर सहमति बनी। इसमें पीएचडी भी शुरू करने का सुझाव दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान विभागीय प्लेसमेंट समन्वयक नियुक्त करने और आईआईटी से जुड़कर प्रतिवर्ष ऑनलाइन माध्यम से कांफ्रेंस कराने का सुझाव भी दिया गया।



दूसरे विभाग के छात्र कर सकेंगे कांसेप्ट ऑफ केमिस्ट्री की पढ़ाई

पुनर्वास विवि के रसायन विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए रविवार को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक हुई। इसमें एमएससी रसायन शास्त्र का नया सिलेबस पास किया गया। इसके अनुसार इस बार पाठ्यक्रम में प्रथम सेमेस्टर में माइनर इलेक्टिव पेपर के रूप में कॉन्सेप्ट ऑफ केमिस्ट्री को रखा गया है जिसे दूसरे संकाय या विभाग के छात्र पढ़ सकेंगे। इसके साथ ही इन्वायरमेंटल केमिस्ट्री, वेस्ट मैनेजमेंट, मेडिशनल केमिस्ट्री को भी पहली बार पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। रिसर्च प्रोजेक्ट भी स्टूडेंट को फर्स्ट सेमेस्टर से ही अलॉट हो जाएगा जिसे सेकंड सेमेस्टर में पूरा करना होगा। सिलेबस क्रेडिट बेस्ड चॉइस सिस्टम पर आधारित है। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा पास करने पर विद्यार्थी के पास बीएससी इन रिसर्च डिग्री अवाॅर्ड लेकर पढ़ाई छोड़ने का विकल्प भी मौजूद होगा। बैठक में औद्योगिक विशेषज्ञ के रूप में डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्री हैदराबाद से सुधीर कुमार राय को शामिल किया गया। पाठ्यक्रम में तीसरे सेमेस्टर में स्टूडेंट को दो स्पेशलिज्ड ग्रुप के साथ मास्टर थीसिस अलॉट की जाएगी जिसे चौथे सेमेस्टर में पूरा करना होगा। अंतिम सेमेस्टर में छात्र को तीन विशिष्ट ग्रुप का विकल्प दिया गया है। इसमें प्रत्येक समूह से एक पेपर लेने का विकल्प होगा जो कि 4 क्रेडिट का होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें