बख्शी का तालाब। ग्राम शिवपुरी में स्थित रण बाबा महादेव मंदिर के 82 साल के पुजारी बाबा फकीरे दास की हत्या का 24 घंटे में खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी रामचंद्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पुजारी की हत्या मंदिर से मिलने वाला आर्थिक लाभ बंद हो जाने के चलते की गई थी।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हिरदेश कुमार ने बताया कि मंगलवार रात गांव शिवपुरी में रण बाबा महादेव मंदिर के पुजारी और सुल्तानपुर निवासी बाबा फकीरे दास की हत्या की गई थी। शिवपुरी निवासी कामता प्रसाद ने बुधवार की शाम रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें शिवपुरी के ही रामचंद्र पर हत्या की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने जांच में पाया कि रामचंदर पिछले कई सालों से रण बाबा मंदिर में किराना, प्रसाद आदि की दुकान खोलकर रहता था। रामचंद्र मंदिर की सफाई का काम भी देखता था। उसने धीरे-धीरे मंदिर से कई पीतल के घंटे गायब किए थे और उन्हें मंदिर परिसर में ही जमीन में गाड़ दिया था। जब उसके इस कृत्य की जानकारी बाबा फकीरे दास और अन्य कई नागरिकों को हुई तो रामचंद्र ने स्वयं ही करीब डेढ़ क्विंटल के पीतल के घंटों को जमीन से निकाल कर दिया।
ग्रामीणों ने आपसी सहमत से इन घंटों को ग्राम प्रधान के यहां रखवा दिया था। नवरात्र से पहले इसी बात से नाराज होकर बाबा फकीरे दास ने रामचंद्र को मंदिर के कार्यों से अलग कर दिया था। एसपी लखनऊ ग्रामीण ने बताया कि इससे पहले भी रामचंद्र मंदिर में प्रतिदिन दान में आए पैसों का अपने निजी काम में उपयोग करता था। इसी बात को लेकर बाबा उससे नाराज रहने लगे थे।
सीओ डॉ. हिरदेश कठेरिया ने बताया कि मंगलवार रात रामचंद्र गांजा पीने बाबा फकीरे दास के पास आया और बाबा के साथ बैठकर मंदिर में ही गांजा पीया था। इसी दौरान रामचंद्र ने बाबा के सिर पर ईंट मार दी जिससे बाबा जमीन पर गिर गए और फिर ईंट वहीं छोड़कर रामचंद्र नशे की हालत में अपने गांव चला आया। मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने अभियुक्त रामचंद्र निवासी शिवपुरी को कठवारा माल रोड पर स्थित गोमती नदी के मांझी घाट पुल के पास से बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में रामचंद्र ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा पुलिस टीम ने जांच के दौरान घटनास्थल से ही बुधवार को बरामद किया था। एसपी ग्रामीण हिरदेश कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं एडीजी जोन एसएन सावंत और आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने भी पुलिस टीम की सराहना की।