‘जब सड़क हादसा हो तो लोग वहां वीडियो न बनाते रह जाएं, बल्कि पुलिस और एंबुलेंस को सूचित करें। ग्राम सभा और ब्लॉक स्तर से लेकर रेजीडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशनें भी अपने क्षेत्र और इमारतों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों से पुलिस को सूचित करें। नागरिक ऐसा कर पाएं तब ही पुलिस से हनुमान की तरह रक्षक की भूमिका निभाने की उम्मीद करनी चाहिए।’
इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस राकेश शर्मा ने रविवार को यह बातें पब्लिक पुलिस ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कही।
इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के लखनऊ चैप्टर का शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस और ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष केजी बालाकृष्णन बतौर अतिथि मौजूद थे। उन्होंने चैप्टर के पदाधिकारियों व सदस्यों को नियुक्ति प्रदान की। इनमें जस्टिस राकेश शर्मा को अध्यक्ष बनाया गया।
वहीं पूर्व आईएएस देवदत्त शर्मा, वरिष्ठ सीए राकेश कुमार माहेश्वरी सहित कई पूर्व जज व पुलिस अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। अतिथियों ने अपने वक्तव्य में कहा कि आम नागरिकों को गलत के खिलाफ न केवल खुद उठ खड़ा होना होगा, बल्कि पुलिस के साथ मिलकर काम भी करना होगा।