डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि यह प्रयोग फिलहाल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे अन्य एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर भी लागू किया जाएगा।
यूपी 112 के एडीजी असीम अरुण ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की उपलब्धता मात्र से ही लोगों को सुकून मिलता है और अपराधियों में भय रहता है। इसे देखते हुए आने वाले दिनों में यमुना एक्सप्रेस-वे पर भी इस तरह के बंदोबस्त करने की योजना है।