मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की एकता को मजबूत करने का संदेश देने वाले ‘एक सुर-एक ताल’ कार्यक्रम को पिछली सरकार ने बंद कर दिया।
उसने पर्यावरण संरक्षण और विकास का काम करने के बजाय गोमतीनगर में बना एक स्टेडियम जरूर गिरवा दिया।
समाजवादियों से ज्यादा दूसरा कोई प्रकृति से लगाव नहीं रखता। विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसकी आबादी में सबसे ज्यादा प्रतिशत युवाओं का है।
इन युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मौके उपलब्ध कराना बहुत बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
सब लोगों को मिलकर काम करने की जरूरत है। वह यहां रविवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में ‘एक सुर-एक ताल’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसे आयोजनों से देश की अखंडता व एकता को मजबूती मिलती है। हमारा देश विविधताओं वाला देश है। भाषा, बोली, खानपान, संस्कृति व परंपराओं में जगह-जगह काफी अंतर है। इसके बावजूद भारत एक है।
‘एक सुर एक ताल’ जैसे कार्यक्रमों से लोगों के अंदर अनेकता में एकता की भावना को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण असंतुलन से उत्पन्न हो रहे खतरों के प्रति सजग किया।
कहा कि हमें अपनी जीवन शैली में बदलाव करना होगा। युवा वर्ग को इस ओर खास ध्यान देने की जरूरत है ताकि वे भविष्य में इससे निपट सकें।
धरती की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा, बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना जरूरी है ताकि वे भविष्य में धरती की सुरक्षा को लेकर सजग रहें।
धरती पर पर्यावरण संतुलन और इसकी सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चे आने वाले कल का भविष्य हैं। इसलिए इनके स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए सरकार लगातार सजग व सक्रिय है।
उन्होंने कहा, एक सुर एक ताल कार्यक्रम सद्भावना, भाईचारा, राष्ट्रीयता एवं एकता की भावना को बढ़ावा देने के साथ ही धरती को बढ़ती हुई ऊष्मा से बचाने व जल-ऊर्जा-वायु के संतुलन को बनाने के लिए भी किया जाता है।
कार्यक्रम में विधायक शारदा प्रताप शुक्ल, माध्यमिक शिक्षा सचिव जितेंद्र कुमार, निदेशक वासुदेव यादव, संयुक्त निदेशक एपी वर्मा और जिला विद्यालय निरीक्षक पीसी यादव के साथ ही मुख्यमंत्री के बच्चे भी मौजूद रहे।