फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पी-4 मॉडल करेगा गांव का हर घर रोशन

Mon, 02 Dec 2013 12:45 PM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश की राज्य जैव ऊर्जा नीति तैयार है।
विज्ञापन


सरकार ने इस नीति में 2020 तक गांवों के लिए ‘लाइट’ और ‘पंखे’ की जरूरत भर बिजली व खाना पकाने के लिए गैस का उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य बनाया है।

इसके लिए पी-4 (पब्लिक-प्राइवेट-पंचायत-पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत ‘बायो डीजल वैल्यू चेन’ परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। जल्दी ही प्रस्ताव को कैबिनेट में भेजा जाएगा।
विज्ञापन


प्रस्तावित जैव ऊर्जा नीति में पेट्रोल व डीजल की खपत को जैव ईंधन के प्रयोग से कम करने की भी योजना है।

इसके लिए गन्ना, चुकंदर, स्वीट सरगम से बायो एथेनाल व अखाद्य प्रकृति के वनस्पति तेलों व पशुओं की चर्बी से बायो डीजल तैयार होगा।

सरकारी व सामुदायिक बंजर भूमि, ऊसर, परती व जलभराव वाली जमीन के साथ गैर कृषि भूमि पर अखाद्य तेलों के बीज वाले पौधे रोपे जाएंगे।

किसानों, भूमिहीनों, बीपीएल व एससी-एसटी परिवारों के अलावा इंदिरा आवास व ऊसर सुधार योजना के लाभार्थी, मनरेगा के जाबकार्ड धारकों के साथ लघु व सीमांत किसानों को पौधरोपण की जिम्मेदारी दी जाएगी।

कॉर्पोरेट सेक्टर को भी पंचायतों केसाथ मिलकर इसमें सहभागिता की अनुमति मिलेगी। इसके लिए वे किसानों, कृषक सहकारी समितियों व स्वयं सहायता समूहों को शामिल कर पी-4 मॉडल पर काम करेंगे।

इस तरह के पौधरोपण को सरकार की जीवन ज्योति परियोजना से सहायता दी जाएगी। प्रमाणित संस्थाओं व बायोटेक पार्क की नर्सरियों से पौधे दिलाए जाएंगे।

इसके लिए जमीन का चयन पंचायतों व उनसे संबद्ध स्थानीय लोगों की सलाह से किया जाएगा।

प्रस्तावित नीति में बायो इनर्जी मिशन सेल के मॉडल ‘कचरा लाओ-बायो गैस ले जाओ’ परियोजना के जरिये गांव वालों के लिए बिजली व खाना पकाने की गैस की उपलब्धता में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य है।

इसके अलावा बायो गैस व प्रोड्यूसर गैस आधारित विकेंद्रीकृत विद्युत उत्पादन केंद्रों की स्थापना की भी योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक रोशनी व पंखे के लिए बिजली का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

मिलेगी कई तरह की छूट
केंद्रीय स्तर से बायो एथेनाल पर पहले से ही एक्साइज ड्यूटी में 16 प्रतिशत की छूट है। बायो डीजल, बायो एथेनाल, बायो गैस व प्रोड्यूसर गैस पर एक्साइज ड्यूटी में शत प्रतिशत की छूट है।
विज्ञापन


इन पर कोई अन्य केंद्रीय कर व ड्यूटी प्रस्तावित नहीं है। नीति में इनके उत्पादन से संबंधित मशीनरी पर कस्टम व एक्साइज ड्यूटी में छूट का भी प्रस्ताव है।

यह छूट उन इंजनों पर भी देने की योजना है जो बायो डीजल से चलेंगे। इनकी खरीद की कीमत तय करने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी होगी।

जैव ऊर्जा व उससे संबंधित उपकरणों व मशीनरी आदि पर वैट से छूट का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा आयातित जैव ईंधन पर ड्यूटी व अन्य कर लगाए जाएंगे ताकि स्वदेशी जैव ईंधन आयातित ईंधन से महंगा न हो जाए।

दस लाख को स्वरोजगार
प्रस्तावित नीति में 10 लाख एकड़ ऊसर, परती व बंजर जमीन में अखाद्य तेलों वाले पौधे व झाड़ियां उगाई जाएंगी।

इनके बीज से 10 लाख टन बायो डीजल का हर साल उत्पादन होगा। इस प्रक्रिया में 2020 तक 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा।

(इस खबर पर प्रतिक्रिया देने के लिए नीचे के बॉक्स में कमेट करें, शेयर करने के लिए फेसबुक शेयर बटन पर क्लिक करें)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें