गोंडा। कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग की ओर से संचालित आत्मा योजना की गवर्निंग बोर्ड तथा जिले के अग्रणी किसानों को मार्केटिंग के टिप्स देने व उनके सुझाव प्राप्त करने पर बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा की तथा जिले में बेहतरीन कार्य करने वाले किसानों से मुखातिब होकर उनके अभिनव कार्यों एवं प्रयोगों के बारे में जानकारी ली।
बैठक में एक्सटेंशन, प्रसार, प्रदर्शन, फील्ड डिमांस्ट्रेशन तथा कृषि यंत्रों, बीजों, व फसलों पर दिए जा रहे अनुदान व अन्य अनुमन्य सुविधाओं पर जिले के अग्रणी किसानों के साथ खुलकर चर्चा हुई। सीडीओ आशीष कुमार बताया कि अब सरकार की ओर से दस हजार से कम अनुदान वाले कृषि यंत्रों पर वेटिंग लिस्ट समाप्त करते हुए सीधे कृषि यंत्र देने की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे किसान अब दस हजार तक के अनुदान वाले यंत्र सीधे खरीद सकते हैं। इसमें अब विभागीय वेटिंग का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में स्टाल लगाकर ऐसे कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके अलावा एक लाख तक या उससे अधिक अनुदान वाले यंत्रों के लिए किसानों को पांच हजार रुपये टोकन मनी के रूप में जमा करना होगा। उसके बाद नंबर आने पर उन्हें अनुदान का लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि गांव के विकास से देश का विकास होगा। गांवों में स्वरोजगार के लिये कृषकों की आय बढ़ाना जरूरी है। इसके किसानों को परम्परागत खेती के अलावा कुछ अन्य कार्य करने होंगे जैसे मक्के की प्रोसेसिंग, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, शहद उत्पादन, और दूध डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया, क्योंकि कृषि आधारित उद्योगों में लागत बहुत कम आती है। इससे किसानों का गांवों से पलायन रुकेगा। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रगतिशील कृषकों को ऐसे अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण कराया जाये, जहां कृषि, उद्यानीकरण के साथ-साथ अन्य कार्यक्रम भी संचालित होते हों, जिससे कृषक अपनी फसल उत्पादन के साथ-साथ बागबानी, पशुपालन व मछली पालन आदि का भी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने आय के श्रोतों में बढ़ोतरी कर सकें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह योजना अंतर्गत प्राप्त लक्ष्य की पूर्ति निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में सीडीओ आशीष कुमार, उपनिदेशक कृषि मुकुल तिवारी, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी यादव, एलडीएम दशरथी बेहरा, भूमि संरक्षण अधिकारी सहित अग्रणी किसान रविशंकर सिंह पवन, ओम प्रकाश पाण्डेय, अतुल कुमार सिंह व अन्य रहे।