शुक्रवार और शनिवार को हुई छोटी-छोटी घटनाएं इसका उदाहरण हैं। यह घटनाएं भविष्य में धर्म विशेष की आबादी वाले इलाकों में उपद्रव की चेतावनी भी दे रही हैं। खुफिया सूत्रों का कहना है कि इन इलाकों में विरोध-प्रदर्शन और हंगामा करने वालों को रोकना पुलिस के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
चूंकि, ऐसे इलाके उपद्रवियों के अपने होंगे इसलिए अन्य स्थानों की अपेक्षा वहां वह खुद को ज्यादा सुरक्षित कर सकेंगे। उपद्रवियों को अपने इलाके की गलियों-रास्तों की पूरी जानकारी होगी। वहां उनके तमाम शरणदाता भी होंगे। इसलिए भागने और छिपने में वह पुलिस को आसानी से चकमा दे सकेंगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रांस गोमती सर्किल के मड़ियांव, गुडंबा, विकासनगर, इंदिरानगर, जानकीपुरम और अलीगंज में भी धर्म विशेष की आबादी वाले कई मुहल्ले हैं जहां पुलिस की सक्रियता न के बराबर है।
पश्चिमी सर्किल के कैसरबाग, अमीनाबाद, वजीरगंज, ठाकुरगंज, सआदतगंज की संवेदनशील पॉकेट्स भी पुलिस की नजर में हैं। शनिवार को ऐसे तमाम इलाकों को चिह्नित कर वहां गश्त व सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।