शव रखकर प्रदर्शन करते सूरज के परिजन व कॉलोनीवासी।
लखनऊ। पारा के सदरौना स्थित कांशीराम कॉलोनी में मंगलवार को गैस सिलिंडर लदे पिकअप वाहन से कुचलकर जान गंवाने वाले 16 वर्षीय सूरज विश्वकर्मा का शव बुधवार दोपहर पोस्टमाॅर्टम के बाद घर पहुंचते ही गम आक्रोश में बदल गया। रोते-बिलखते परिजनों और कॉलोनीवासियों ने आरोपी चालक की गिरफ्तारी, मुआवजा और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए कॉलोनी की सड़क पर जाम लगाकर पांच घंटे तक प्रदर्शन किया।
दिव्यांग पिता छोटू विश्वकर्मा का छोटा बेटा सूरज मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सड़क हादसे का शिकार हो गया था। बुधवार को शव लेकर लौट रहे परिजनों ने दुबग्गा से अवध चौराहा जाने वाले मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने शव को घर पहुंचा दिया। करीब तीन बजे लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर बैठ गए।
शाम छह बजे पहुंचीं नायब तहसीलदार आस्था पांडेय ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार मुआवजा और संविदा पर नौकरी देने के लिखित आश्वासन पर अड़ा रहा। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। लिखित आश्वासन न मिलने तक परिवार ने सूरज का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया है।
शव रखकर प्रदर्शन करते सूरज के परिजन व कॉलोनीवासी।