परिवहन निगम कर्मचारी बुधवार को राजधानी में अनशन शुरू करेंगे।
अनशन के पहले दिन प्रबंधन ने यदि उनकी मांगे नहीं मानी तो गुरुवार से नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में बस हड़ताल शुरू हो जाएगी। यह हड़ताल धीरे-धीरे प्रदेश भर में फैल जाएगी।
सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ एवं संविदा कर्मचारी यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार से राजधानी के टेढ़ी कोठी स्थित मुख्यालय में क्रमिक अनशन शुरू होगा।
यह तब तक चलेगा, जब तक कर्मियों की मांगे पूरी नहीं होंगी। आंदोलन के संयोजक जसवंत सिंह ने मंगलवार को बताया कि प्रबंधन ने पदाधिकारियों से समझौता किया था कि समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाएगा।
साथ ही, हड़ताल के दौरान जिन 106 संविदा कर्मियों की सेवाएं बर्खास्त की गई थीं उसे बहाल किया जाएगा। लेकिन प्रबंधन का यह समझौता हवा हवाई हो गया।
इसी समझौते को लागू कराने के लिए मुख्यालय में डेरा डाला जाएगा।
2 अप्रैल को प्रबंधन ने उनकी मांगे नहीं मानी तो सबसे पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की बस सेवाएं ठप की जाएंगी। इसके बाद धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्र की बसें हड़ताल में शामिल होती चली जाएंगी।