लखनऊ। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए तालकटोरा की औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग समय (रोटेशन) पर चलाने के मुद्दे पर उद्यमियों का विरोध रंग लाया है। रविवार को उद्यमियों से मुलाकात के बाद डीएम ने नए निर्देश जारी करते हुए कहा कि फैक्टरियां अपने तय समय पर ही चलेंगी। 15 दिन बाद जिला उद्योग बंधु की बैठक में औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण की समीक्षा होगी।
शुक्रवार को जिला प्रशासन की तरफ से जारी निर्देश में प्रदूषण पर काबू पाने के लिए तालकटोरा की औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग समय पर चलाने कि लिए कहा गया था। इसके बाद से तालकटोरा समेत जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को उद्यमियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था।
उद्यमियों की दलील थी कि तालकटोरा में लगा प्रदूषण मापक यंत्र 5 किमी की परिधि को कवर करता है। इस दायरे में चारबाग रेलवे स्टेशन, आलमनगर, आलमबाग व ऐशबाग क्षेत्र भी आते हैं। घनी आबादी वाले इन इलाकों में जाम व निर्माण कार्यों से ज्यादा प्रदूषण होता है। इसलिए सिर्फ इंडस्ट्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
इसी मामले में रविवार को शिविर कार्यालय पर अखिल भारतीय उद्योग संघ के उपाध्यक्ष दिनेश गोस्वामी, तालकटोरा इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के यूनुस सिद्दीकी, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक श्रीप्रकाश आचार्य, सचिव वैभव अग्रवाल और लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष रितेश श्रीवास्तव ने डीएम से मुलाकात की।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि अभी ट्रैफिक व निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, यातायात पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों के लिए कोई निर्देश नहीं जारी किए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण से जुड़ी समीक्षा 15 दिन बाद की जाएगी। उद्यमी खुद से ही अपने स्तर पर नियंत्रक मानकों का पालन कर फैक्टरियां संचालित करें।
प्रशासन से मिला भरोसा
डीएम ने आश्वासन दिया है कि शासन-प्रशासन से कुछ भी ऐसा नहीं होगा, जिससे उद्योग अथवा उद्योगपतियों पर कोई आंच आए। उद्यमी प्रशासन के आभारी हैं।
विकास खन्ना, चेयरमैन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, लखनऊ
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अनिश्चितता खत्म
रोटेशन को लेकर रविवार को डीएम ने स्थिति साफ कर दी है। भरोसा दिया है कि कोई बदलाव नहीं हो रहा है। तालकटोरा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार ही फैक्टरी चल रही हैं।
दिनेश गोस्वामी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग संघ
उद्यमियों को मिली राहत
डीएम ने प्रदूषण के मुख्य कारकों पर ज्यादा ध्यान दिया है। उद्योगों की 15 दिन बाद समीक्षा की बात उन्होंने कही है। इससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है।
रितेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, लखनऊ