लखनऊ। भाऊराव देवरस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड में देरी से नाराज मरीजों ने बुधवार को अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। मरीजों का आरोप है कि मशीन खराब होने की बात कहकर उन्हें कई दिनों से बिना जांच के लौटाया जा रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने मशीन खराब होने के आरोपों से इन्कार किया है।
बख्शी का तालाब निवासी शालिनी सिंह ने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर पेट का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए वह करीब 10 किलोमीटर दूर से अस्पताल आ रही हैं। उनका आरोप है कि करीब एक महीने से हर बार मशीन खराब होने की जानकारी देकर लौटा दिया जाता है। इससे आने-जाने में काफी खर्च हो चुका है।
गुडंबा निवासी नीलम यादव को पेट के संक्रमण के चलते अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई थी। उन्हें 17 अगस्त को जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन मशीन खराब होने की बात कहकर 19 अगस्त को आने के लिए कहा गया। बुधवार को दोबारा अस्पताल पहुंचने के बावजूद जांच नहीं हो सकी। केशवनगर निवासी पूनम को भी पेट की समस्या के कारण अल्ट्रासाउंड कराना था, लेकिन उन्हें भी लौटना पड़ा।
अस्पताल में दोनों अल्ट्रासाउंड मशीनें ठीक हैं। रोजाना 25 से 35 मरीजों की जांच की जा रही है। अस्पताल में फुल टाइम अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण पेंडेंसी बढ़ रही है। विशेषज्ञ सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ही उपलब्ध होते हैं। मरीजों की समस्या जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। -
डाॅ. रंजीत दीक्षित, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बीआरडी