1996 बैच के आईपीएस अधिकारी आईजी से एडीजी बनेंगे। इसमें चार अधिकारी 1 जनवरी को प्रमोट हो जाएंगे। इसमें आगरा रेंज के आईजी ए सतीश गणेश, आईजी कानून-व्यवस्था ज्योति नारायण, आईजी पुलिस मुख्यालय नवनीत सिकेरा और आईजी फायर सर्विसेज विजय प्रकाश का नाम शामिल हैं। बाकी अधिकारी जैसे-जैसे वैकेंसी खाली होगी वैसे-वैसे वह एडीजी बनेंगे।
ये बनेंगे आईजी: डीआईजी से आईजी बनने वालों में 2003 बैच के गोरखपुर रेंज के डीआईजी राजेश मोदक, डीआईजी अभियोजन विनय कुमार यादव, आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के डीआईजी हीरा लाल, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के डीआईजी संजय कुमार, डीआईजी पीटीसी शिव शंकर सिंह, डीआईजी देवीपाटन राकेश और बरेली के डीआईजी राजेश पांडेय शामिल हैं। इसी बैच के दो डीआईजी दिनेश चंद्र दुबे और अरविंद सेन निलंबित हैं, इसलिए इन्हें प्रमोशन मिलना मुश्किल है।
डीआईजी बनने वाले 2007 बैच के अफसरों में तीन जिलों के पुलिस कप्तान समेत कुल 10 अफसर शामिल हैं। इसमें वाराणसी के एसएसपी अमित पाठक, गोरखपुर के एसएसपी जोगेंद्र कुमार, कुशीनगर के एसपी विनोद कुमार शामिल हैं। इसी बैच के रवि शंकर छवि, प्रतिभा अंबेडकर, नितिन तिवारी, पंकज कुमार, गोपेश खन्ना, अशोक कुमार तृतीय और अनिल कुमार भी डीआईजी बनेंगे।
इन्हें सेलेक्शन ग्रेड: सेलेक्शन ग्रेड पाने वाले अधिकारियों में 2008 बैच के उन्नाव के एसपी सुरेश राव आनंद कुलकर्णी, एसपी लॉजिस्टिक अमित वर्मा, कमांडेंट पीएसी 20वीं बटालियन एन कोलांची, पीएसी 41वीं बटालियन की कमांडेंट भारती सिंह, बहराइच के एसपी विपिन मिश्रा, यूपी 112 में एसपी एमपी वर्मा, डीजीपी आफिस से अटैच सभाराज, स्पेशल इंक्वायरी में तैनात स्वामी प्रसाद, एसपी रेलवे सौमित्र यादव और एसपी इंटेलीजेंस रमेश शामिल हैं। 2017 बैच के 16 अफसर एएसपी से एसपी बनेंगे।