लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है। बृहस्पतिवार को चंबल आर्काइव न्यास ने यह प्रस्ताव कुलपति जेपी सैनी को सौंपा। यह केंद्र विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अध्ययन का नया आधार बनेगा।
यह प्रस्ताव विवि के मालवीय सभागार में आयोजित विशेष प्रदर्शनी के दौरान रखा गया। प्रदर्शनी में 300 वर्ष से अधिक पुरानी रामायण की हस्तलिखित प्रति मुख्य आकर्षण रही। कुलपति ने भी इसका अवलोकन किया। प्राचीन काल के दुर्लभ ताम्रपत्र भी प्रदर्शित किए गए। चंबल आर्काइव न्यास 40 वर्षों से इतिहास संरक्षण में सक्रिय है। न्यास के पास एक लाख से अधिक बहुमूल्य पुस्तकें और दस हजार से ज्यादा ऐतिहासिक पत्रिकाएं हैं। संस्था का उद्देश्य इस ज्ञान धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
पुस्तकों का संग्रह और केंद्र की स्थापना
न्यास ने लखनऊ विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत विवि परिसर में भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र स्थापित होगा। चंबल आर्काइव न्यास इस केंद्र के लिए अपनी एक लाख से अधिक दुर्लभ पुस्तकों और ऐतिहासिक दस्तावेज को उपलब्ध कराएगा। इससे छात्रों को शोध और अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण संसाधन मिलेंगे। कुलपति जेपी सैनी ने बताया कि प्रस्ताव मिला है, स्थापना की तिथि और तरीका बैठक में तय होगा।