अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को खानपान (कैटरिंग) का भुगतान न करना महंगा पड़ा।
जिला न्यायाधीश केके शर्मा ने वाराणसी के होटल प्रदीप की याचिका पर शुक्रवार को एयरपोर्ट की कुर्की के आदेश दिए हैं। अदालत ने कोर्ट के अमीन को आदेश दिया है कि एयरपोर्ट की उतनी सम्पत्ति कुर्क की जाए जिसकी कीमत 1,27,03,579 रुपये हो।
मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। अदालत ने एयरपोर्ट को 15 दिन की मोहलत दी है। इस दौरान भुगतान न होने पर अमीन एयरपोर्ट की सम्पत्ति कुर्क करने को स्वतंत्र होंगे।
होटल प्रदीप के प्रदीप नारायण सिंह ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि होटल एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच कैटरिंग को लेकर एग्रीमेंट हुआ था।
इसके मुताबिक होटल प्रदीप ने कई बार कैटरिंग का कार्य किया। लेकिन चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया। होटल के वकील प्रदीप कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया।
भुगतान विवाद बढ़ने पर मामला मध्यस्थ जस्टिस के.डी. शाही केसमक्ष लाया गया जहां मध्यस्थ जस्टिस शाही ने सारे मामले को देखने केबाद 7 जनवरी 2006 को एयरपोर्ट अथॉरिटी को आदेश दिया कि वह 60 लाख रुपये का भुगतान होटल प्रदीप को करे।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मध्यस्थ के आदेश को चुनौती देते हुए जिला जज की अदालत में वाद दायर किया। जिला जज ने भी सुनवाई केबाद मध्यस्थ केआदेश की पुष्टि करते हुए वाद को खारिज कर दिया।
वसूली का दावा दायर कर के कहा गया कि मध्यस्थ केद्वारा तय की गई धनराशि पर एयरपोर्ट अथारिटी से 18 प्रतिशत ब्याज भी होटल प्रदीप को मिलना चाहिए।
जिला न्यायाधीश ने गत 16 नवम्बर को अमीन को वसूली करने का आदेश देते हुए कहा कि हजरतगंज केविजया बैंक स्थित एयरपोर्ट अथॉरिटी केखाते को सीज करें और 1,27,03,579 रु. तक वसूल करें।
लेकिन विजया बैंक के महाप्रबंधक ने पत्र के जरिए कोर्ट को बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी के खाते में एक भी पैसा नहीं है जिससे खाता सीज होने के बाद भी भुगतान संभव नहीं है।
इसके बाद कोर्ट ने शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट की बिल्डिंग को 1,27,03,579 रुपये की सीमा तक कुर्क करने का आदेश जारी किया।