लखनऊ। इंदिरानगर के रघुवर एन्क्लेव के पास रह रहे जालसाजों के जाल में फंसने से गौतमबुद्धनगर के विरशख निवासी प्रॉपर्टी डीलर अजय कुमार सिंह बाल-बाल बच गए। आरोपियों ने उन्हें ट्रेडिंग का झांसा दिया, फिर मुनाफे में नोट के आकार के कागज दे दिए। मामले में इंदिरानगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सात ठगों को गिरफ्तार कर लिया।
अजय कुमार सिंह के मुताबिक कुछ दिन पहले उनका सोशल मीडिया के जरिये विश्वेंद्र से परिचय हुआ था। उसने उन्हें लखनऊ आकर ट्रेडिंग करने पर तीन गुना मुनाफा कमाने का झांसा दिया। लालच में पड़े अजय दोस्त हरसंगत सिंह के साथ इंदिरानगर स्थित सुषमा अस्पताल के पास पहुंचे। यहां उन्हें विश्वेंद्र कुमार मिला। विश्वेंद्र दोनों को लेकर रघुवर एन्क्लेव के पास पहुंचा। यहां
बने एक कमरे में पहले से दो लोग ट्रेडिंग करने के लिए मौजूद थे। इस बीच विश्वेंद्र के छह साथी और आ गए। सभी ने चारों से ट्रेडिंग कर तुरंत मुनाफा कमाने की बात कही। साथ ही एक बैग में भरे हुए नोट दिखाए।
अजय ने बताया कि इस बीच कुछ संदेह होने पर ट्रेडिंग करने आए दो अन्य लोगों ने जब बैग से गड्डी निकाली तो पता चला कि ऊपर और नीचे के रुपये असली थे। वहीं बाकी बीच में नोट के आकार के कागज लगे थे। प्रॉपर्टी डीलर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार के मुताबिक आरोपियों को जेल भेजा गया है। साथ इस बात का भी पता लगाय जा रहा है कि आरोपी कितने समय से धंधा कर रहे थे।