जिला पंचायतों में अपर मुख्य अधिकारी पद पर पदोन्नति अब 5 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद चयन समिति की ओर से ज्येष्ठता के आधार पर की जाएगी। जिला पंचायतों में केंद्रीय संक्राम्य संवर्ग में नियुक्त होने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि अब एक के बजाय दो साल होगी। इसके लिए नियमावली में संशोधन को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई।
जिला पंचायतों में प्रचलित नियमों के अनुसार केंद्रीय संक्राम्य संवर्ग में नियुक्त होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एक साल की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रखे जाने का प्रावधान है। इसके अलावा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के पद पर प्रमोशन के लिए कोई अर्हकारी सेवा तय नहीं है।
इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (केंद्रीय संक्राम्य संवर्ग) नियमावली 1966 के नियम 22 तथा उत्तर प्रदेश जिला परिषद (अपर मुख्य अधिकारी का केंद्रीय संक्राम्य संवर्ग) नियमावली 1993 के नियम-8 में संशोधन के प्रस्ताव को सहमति दे दी गई।