सूबे के 12 हजार से अधिक सिपाही जल्द दीवान बनेंगे। सिपाहियों के प्रमोशन
को हरी झंडी दे दी गई है।
तीन-चार दिन में सूची जारी कर दी जाएगी। सूत्रों
के मुताबिक, 1976 से 1981 बैच के कांस्टेबलों का प्रमोशन किया जा रहा है।
वहीं, पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए सूबे के सभी लगभग 1500 थानों को
इंटरनेट से जोड़ने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
सीएम अखिलेश यादव के इस
ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एनआईआईटी (निट) को कार्यदायी संस्था
बनाया गया है जबकि बीएसएनएल को सभी थानों को इंटरनेट से जोड़ने की
जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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प्रमुख सचिव गृह
अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि कानून व्यवस्था में सुधार के लिए जल्द ही 12
हजार से अधिक कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोट किया जाएगा।
इनके प्रमोशन की प्रक्रिया लंबे अरसे से अटकी हुई थी।
उन्होंने
कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण के तहत कानपुर में एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस
मॉर्डन कंट्रोल रूम शुरू करा दिया गया है। लखनऊ में चीनी निगम की बिल्डिंग
में मॉर्डन कंट्रोल रूम बनेगा।
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था। कंट्रोल रूम बनाने वाली संस्था का चयन भी हो चुका है। जल्द काम शुरू
किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले चरण
में कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद और गाजियाबाद में मॉर्डन कंट्रोल रूम का काम
पूरा होने के बाद दूसरा चरण शुरू किया जाएगा।
इसमें सूबे के कई जनपदों में
ऐसे ही कंट्रोल रूम बनेंगे। वहीं आधुनिकीकरण के तहत पुलिस को नए टेंट,
बुलेट प्रूफ हेलमेट सहित अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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