आईएएस अधिकारियों की तरह तय तिथि पर पदोन्नति किसी दूसरे संवर्ग के लिए फिलहाल नामुमकिन बना हुआ है, लेकिन मुख्य सचिव राजीव कुमार की पहल पर 100 दिनों के भीतर प्रदेश के 12 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति की सौगात मिल चुकी है। बाकी रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए कार्यवाही चल रही है।
सूबे में भारतीय प्रशासनिक सेवा ही एकमात्र काडर बताया जाता है जिसके अधिकारियों को हर हाल में साल के पहले ही दिन एक जनवरी को पदोन्नति मिल जाती है। दूसरे संवर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए महीनों से लेकर वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। तमाम कर्मचारी समय से पदोन्नति न होने से वर्षों तक एक ही पद पर सेवा कर रिटायर हो जाते हैं।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कार्यभार संभालने के बाद इस ओर ठोस पहल की। उन्होंने तीन अगस्त को पदोन्नति की शासकीय व्यवस्था का हवाला देते हुए वर्ष 2017-18 में पदोन्नति के माध्यम से भरी जाने वाली समस्त रिक्तियों की गणना कर एक महीने में पदोन्नति की कार्यवाही पूरा करने का फरमान सुनाया।
साथ ही स्पष्ट कर दिया कि पदोन्नति के माध्यम से रिक्त पदों को तेजी से भरा जाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसका असर दिखने लगा है। एक महीने में न सही लेकिन बार-बार की हिदायत और मॉनिटरिंग की वजह से 100 दिनों के भीतर करीब12 हजार अधिकारियों व कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है।