प्रांतीय पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत अफसर अब जिलों में तैनाती पाने की जुगाड़ में लग गए हैं। ज्यादातर अफसर जिलों में बतौर कप्तान तैनाती के इच्छुक बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जिन 30 अफसरों का प्रमोशन हुआ है उसमें से कम से कम 12 अफसरों को अगले दो महीनों में जिलों की कमान सौंपी जा सकती है।
दरअसल, जिन पुलिस अफसरों का प्रमोशन हुआ है उनमें सिर्फ लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अपर पुलिस उपायुक्त श्रवण कुमार सिंह, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त प्रबल प्रताप सिंह, कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात बृजेश कुमार श्रीवास्तव और शिवाजी की फील्ड में तैनाती है। इसके अलावा बाकी अफसरों में कोई पीएसी में, भर्ती बोर्ड, विजिलेंस या अन्य गैर जनपदीय शाखा में तैनात है।
अभी 19 जिलों में तैनात हैं राज्य पुलिस सेवा के अफसर
प्रांतीय पुलिस सेवा से प्रमोशन पाकर आईपीएस बनने वाले 19 अफसरों के पास जिलों की कमान है। आम तौर पर कम से कम 33 प्रतिशत जिलों में राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तैनाती होती रही है। कुछ मौके ऐसे भी आए जब डायरेक्ट आईपीएस और प्रमोटी आईपीएस अधिकारियों की संख्या जिलों में बतौर पुलिस कप्तान बराबर भी रही है। अब देखना है कि बड़ी संख्या में मिले राज्य पुलिस सेवा के अफसरों में से कितने को जिलों में तैनाती मिलती है।
कमिश्नरेट के पुनर्गठन को लेकर डीजीपी मुख्यालय लेगा फैसला
प्रदेश के तीन पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ, कानपुर नगर और वाराणसी के पुनर्गठन पर अंतिम निर्णय डीजीपी मुख्यालय लेगा। किस कमिश्नरेट का कौन सा थाना किस जोन में शामिल होगा, कहां-कहां जोन व सर्किल बढ़ेगी और मौजूदा एसपी लखनऊ ग्रामीण, एसपी वाराणसी ग्रामीण और एसपी कानपुर आउटर का क्या होगा? इस पर जल्द डीजीपी मुख्यालय निर्णय लेगा।