मीठे रसीले आमों के लिए मशहूर मलिहाबाद में हो रहे पंचायत चुनाव में प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं के बीच एक से बढ़कर एक लुभावने वादे परोस रहे हैं। चुनावी समर में किस्मत आजमा रहीं पत्नी की जीत का परचम लहराने के लिए उनके ‘दुबई रिटर्न हसबैंड’ भी कूद पड़े हैं।
उनके भाई-बंधु तो हफ्तों से अपनी टीम लेकर प्रचार में जुटे थे। रविवार शाम प्रचार थम गया। कई दिनों से चल रहे चुनावी शोर से आजिज गौंदा मौअज्जमनगर के बुजुर्ग सुंदर कहते हैं, चुनाव जीतै कै बाद पांच साल तक जनता केर सुधि नाई लेत, अब तौ इनकी सहालक है जौन न दैइ दे कम है। वोट पड़तै सब भूलि जाति, जीतै कै बादि तौ हमका तुमका सबका भूलि जाति, जनतै नाई।
औलिया खेड़ा गांव के पास दुकानदारी करने वाले रम्मा गुस्से में बोल पड़े, हम कहिन कि रोज-रोज आवन वाली गाड़िन से सबै सौउदा गर्दियाय जात है। जहितै सड़क बनवावै का कहौ कहति चुनाव जिताई देउ, बनवा देब। अबहै तौ 10-12 गाड़ी सै सब आये रहै उन सै कहा तौ कहत आही, तोहार बहुरिया चुनाव लड़ति है। बहुरिया जीती तौ दुबई जैसी सड़कै बनवाई दीन जाई।बिजली-पानी की भी दिक्कत नाई होय।