बलरामपुर। बजट की कमी से 554.213 करोड़ रुपये की 78 परियोजनाएं अधर में लटकी हैं। कार्यदायी संस्थाओं को अभी तक सिर्फ 273.919 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। शासन से कार्यदायी संस्थाएं 280 करोड़ रुपये का बजट पाने के लिए बाट जोह रही हैं। कोरोना महामारी के चलते कार्यदायी संस्थाओं समय से परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले के 22 लाख लोगों को भौतिक संसाधनों का लाभ मिल सकेगा। जिले में 14 कार्यदायी संस्थाओं को 50 लाख से ऊपर की 78 परियोजनाओं के निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा गया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के मई माह तक 14 कार्यदायी संस्थाओं को 78 परियोजनाओं का निर्माण कराने के लिए 554.213 करोड़ रुपये की तुलना में 273.919 करोड़ रुपये की धनराशि मिल सकी है। सभी कार्यदायी संस्थाओं ने मई के अंत तक प्राप्त बजट के सापेक्ष 85 प्रतिशत बजट का उपभोग कर परियोजनाओं पर 213.9 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर दी है। जलनिगम को 53.77 करोड़ की 17 परियोजनाओं पर अब तक सिर्फ 19.05 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिसे शत-प्रतिशत निर्माण कार्यों पर खर्च कर दिया गया है। बाकी बचे 34.72 करोड़ रुपये के बजट को शासन से पाने का इंतजार किया जा रहा है।
कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को 82.43 करोड़ की 18 परियोजनाओं के लिए 72.40 करोड़ का बजट मिला है जिसकी तुलना में 90 प्रतिशत के साथ 65.03 करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था यूपी सीएलडीएफ को 26.30 करोड़ वाली आठ परियोजनाओं पर अभी तक सिर्फ 11.49 करोड़ ही मिला है जिसकी तुलना में 93 प्रतिशत के साथ 10.72 करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था यूपी आरएनएसएस को 59.98 करोड़ लागत की आठ परियोजनाओं पर अभी तक सिर्फ 11.44 करोड़ रुपये ही मिला है। आरएनएसएस ने 7.30 करोड़ रुपये खर्च कर सिर्फ 61 प्रतिशत कार्य पूरा किया है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को 126.17 करोड़ वाली पांच परियोजनाओं पर 52.01 करोड़ रुपये दिए गए जिसकी तुलना में 71 प्रतिशत के साथ संस्था ने 36.75 करोड़ खर्च कर दिया है। कार्यदाई संस्था यूपी सिडको को 28.67 करोड़ लागत वाली छह परियोजनाओं पर सिर्फ 15.81 करोड़ रुपये मिले हैं जिसके सापेक्ष संस्था ने 57 प्रतिशत के साथ 9.07 करोड़ रुपये खर्च कर दिया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को 1.41 करोड़ की दो परियोजनाओं पर 1.29 करोड़ रुपये मिले जिस पर संस्था ने 84 प्रतिशत के साथ 1.09 करोड़ खर्च कर दिया है। उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन को 1.95 करोड़ की लागत वाली दो परियोजनाओं के लिए 1.05 करोड़ रुपये मिले हैं जिस पर कार्यदाई संस्था ने 95 प्रतिशत के साथ एक करोड़ खर्च कर दिया है।
पुलिस आवास निगम लिमिटेड को 45.78 करोड़ वाली सात परियोजनाओं के लिए सिर्फ 18.73 करोड़ रुपये मिले हैं जिसकी तुलना में संस्था ने 65 प्रतिशत के साथ 12.22 करोड़ रुपये खर्च किया है। जिला पंचायत को 2.08 करोड़ वाली एक परियोजना पर दो करोड़, विद्युत विभाग पारेषण खंड गोंडा को 120.72 करोड़ वाली एक परियोजना पर 66.50 करोड़, नगर पंचायत पचपेड़वा को 1.66 करोड़ वाली एक परियोजना पर 0.50 करोड़, नगर पंचायत तुलसीपुर को 1.65 करोड़ वाली एक परियोजना पर 0.83 करोड़ और नगर पालिका परिषद बलरामपुर को 1.66 करोड़ वाली एक परियोजना पर 0.83 करोड़ रुपये का बजट मिल सका है। कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधियों का कहना है कि समय से बजट न मिलने और कोरोना महामारी के चलते परियोजनाओं का निर्माण कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बजट के लिए शासन को भेजा जा रहा प्रस्ताव
जिले में 14 कार्यदायी संस्थाओं को 554.213 करोड़ की 78 परियोजनाओं का निर्माण कराने का जिम्मा सौंपा गया है। शासन स्तर से अभी तक 273.919 करोड़ रुपये कार्यदाई संस्थाओं को अवमुक्त कर दिए गए हैं। बाकी बचे 280.294 करोड़ रुपये के बजट के लिए शासन को लगातार प्रस्ताव भेजा जा रहा है। सीडीओ रिया केजरीवाल को हर माह सभी कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक करने और सप्ताह में दो-दो परियोजनाओं को निरीक्षण करने का जिम्मा सौंपा गया है। डीएसटीओ संजीव कुमार को प्रगति रिपोर्ट तैयार कराने की जिम्मेदारी दी गई है। श्रुति, डीएम