ऊर्जा के उपयोग में कमी करनी होगी। जिसका सीधा अर्थ ऊर्जा का अपव्यय को रोकना। ऊर्जा का सीधा संबंध पर्यावरण से होता है।
यानी ऊर्जा बचत से पर्यावरण प्रदूषण में कमी आती है। ये विचार मुख्य वक्ता टीएन चतुर्वेदी ने रखे। मौका था सोमवार को इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के तत्वावधान में ऊर्जा संरक्षण पर आयोजित तकनीकी व्याख्यान का।
इस दौरान उन्होंने गैर पारंपरिक ऊर्जा का उत्पादन करने का आह्वान किया। कहा कि सभी उद्योग किसी ने किसी रूप में ऊर्जा का उपयोग करते हैं। ऊर्जा संरक्षण से उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं की लागत कम होगी।
उन्होंने बताया कि बीते दशक से विश्व का ध्यान अधिकाधिक ईंधन के उपयोग से ग्रीन हाउस गैस के बढ़ने के फलस्वरूप ग्लोबल वार्निंग एवं जलवायु में बदलाव पर केंद्रित है।
ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई चल रही है। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष वीबी सिंह व सचिव जेएस मिश्रा मौजूद रहे।