राष्ट्रीय युवा उत्सव के मेगा कल्चरल कार्यक्रम के अंतर्गत शाम को प्रख्यात लोक गायिका कल्पना पटवारी के गीतों पर युवा जमकर थिरके। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में भक्ति गीत से प्रस्तुतियों की शुरूआत की। कल्पना पटवारी ने बिहारी ठाकुर द्वारा रचित गीत गंगा स्नान गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
उन्होंने अन्य भाषाओं में भी गीत गाकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। गायिका जया तिवारी ने नारी सशक्तीकरण पर मधुर गीत की प्रस्तुति दी। उनके द्वारा गाए गीत हमें दो उड़ने की एक बारी, अब करनी है हमें तैयारी... गाकर खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में मेरी जिंदगी बैंड और ऑल विमेन बैंड ने भी अपनी धमाकेदार प्रस्तुति दी। इससे पहले वित्तमंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी और युवा कल्याण की मुख्य सचिव डिंपल वर्मा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि सुरेश राणा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद समाज सुधारक थे जिन्होंने दुनिया में भारतीय संस्कृति का परचम पूरी दुनिया में फहराया। हमें उनके आदर्शों पर चलना होगा।
सीआरपीएफ बैंड को पुरस्कार: बिजनौर सीआरपीएफ के बैंड को शानदार प्रस्तुति के लिए 21 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से युवा कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा ने बैंड को पुरस्कृत किया।
मरकरी हॉल में आयोजित भरतनाट्यम प्रतिस्पर्धा में यूपी का प्रतिनिधित्व करते हुए स्मृति यादव ने सभी को प्रभावित किया। स्मृति ने मल्लारी राग रेवती और चतुरासरा एका ताल पर भगवान शंकर पर आधारित नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
इनके अलावा गुजरात, राजस्थान, पांडिचेरी, पश्चिम बंगाल, गोवा, कर्नाटक, बिहार, केरला, ओडिशा, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्लूटो हॉल में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हरयाणा, कर्नाटका, केरला, जम्मू काश्मीर, राजस्थान, गोवा, ओड़िसा समेत 16 राज्यों के कलाकारों ने हारमोनियम लाईट पर मधुर प्रस्तुति देकर तालियां बटोरीं।
वहीं मार्स हॉल में इलोक्यूशन प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमें कलाकारों को एक-एक पर्ची उठानी थी और उसमें लिखी गतिविधि को परफॉर्म करना था। कुल 25 राज्यों को प्रतिभाग करना था लेकिन आधे राज्यों के प्रतिनिधि ही पहुंच सके।
हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, दिल्ली, सिक्किम समेत अन्य राज्यों के कलाकारों ने प्रतिभाग किया। राज्य मानवाधिकार भवन में शास्त्रीय वादन एकल प्रतिस्पर्धा में विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने मृदंग और गिटार पर प्रस्तुतियां दीं।