मालकस, हमीर जैसे रागों में निबद्घ शास्त्रीय संगीत की दिलकश प्रस्तुतियां
शनिवार को संगीत नाटक अकादमी में हुईं।
जहां संगीत मिलन की ओर से
‘क्लासिकल वायस ऑफ इंडिया’ केफाइनल राउंड चल रहा था। पहले दिन 31
प्रतिभागियों ने अपने मधुर आवाज से सभागार को गुलजार किया।
संगीत
मिलन संस्था की उपाध्यक्ष अरुंधति चौधरी ने बताया कि प्रतिवर्ष संस्था की
ओर से क्लासिकल वॉयस खोजी जाती है। इस बार अंतिम चरण के लिए चुने गए कुल
48 गायकों में से 45 ख्याल व 3 ध्रुपद गायक हैं।
जो दुर्गापुर, गुवाहाटी,
जम्मू, चण्डीगढ़, अहमदाबाद आदि 13 शहरों से हैं। उन्होंने बताया कि अंतिम
चरण के पहले दिन 31 प्रतिभागियों ने प्रस्तुतियां दीं। शेष प्रतिभागियों की
गायकी रविवार को जांची जाएगी।
निर्णायक
मंडल में शामिल कोलकाता की मीना बनर्जी, लखनऊ के पं. शीतल प्रसाद मिश्र,
बीएचयू के प्रो. रामशंकर सिंह, आईटीसी संगीत रिसर्च अकादमी कोलकाता के
अनिरुद्घ भट्टाचार्य और संस्था के संस्थापक मिलन देवनाथ को अंगवस्त्र व
स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया गया।