युवाओं को बौद्धिक रूप से ही नहीं बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी समृद्ध
बनाने की जरूरत है।
यह बात डॉ. रश्मि सोनी ने शनिवार को केकेसी की ओर से
आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम दिन मुख्य वक्ता के रूप में कहीं।
दूसरे दिन के प्रथम सत्र की अध्यक्षता लखनऊ विवि के प्रो. यूसी वशिष्ठ और
सुलभ इंटरनेशनल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सत्येंद्र त्रिपाठी ने की।
भारतीय युवाओं के समक्ष नवीन भूमिका तथा चुनौतियां विषयक संगोष्ठी में डॉ.
पायल गुप्ता ने युवाओं में कौशल विकास और उच्च शिक्षा को व्यवसाय से जोड़ने
की बात कही।
वहीं डॉ. रीना अग्रवाल और डॉ. रेनू श्रीवास्तव ने युवाओं में
सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया।