पुलिस के मुताबिक, डॉ. गरिमा ने 2013 में नेट क्वालीफाई करने के बाद 2016 में भोपाल यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर जॉइन किया था, जहां उनकी मुलाकात अखिलेश तिवारी से हुई थी। अखिलेश वहां एसोसिएट प्रोफेसर थे। धीरे-धीरे दोनों एक दूसरे के करीब आए और साथ रहने लगे। जुलाई 2017 में उन्होंने लखनऊ एमिटी यूनिवर्सिटी जॉइन किया। इसके बाद अगस्त में एल्डिको एलिगेंस में किराए के मकान में रहने लगे। बकौल अखिलेश, वह इस समय इंदौर यूनिवर्सिटी से पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं।
10 जनवरी को हुआ था तलाक
बकौल पुलिस, डॉ. गरिमा की शादी 2011 में हुई थी। कुछ माह बाद ही घरेलू कलह के चलते वह अलग हो गईं और फैमिली कोर्ट में तलाक का मुकदमा दर्ज कर दिया। इसकी फाइनल रिपोर्ट दस जनवरी 2018 को आई थी। बकौल अखिलेश, इस बीच वह काफी डिप्रेशन में रहती थीं। घर जाने के बाद जब 26 जनवरी को गरिमा के नंबर पर कॉल की तो कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला था।
थाना प्रभारी सत्येंद्र राय ने बताया कि अखिलेश ने गरिमा से किसी भी विवाद से इन्कार किया है। अखिलेश ने बताया कि गरिमा ने शुक्रवार को उसे फोन किया था। वह उससे शुक्रवार को ही आने की जिद कर रही थीं पर घर पर काम होने के कारण वह नहीं आ सका। रविवार सुबह जब पहुंचा तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था।
बकौल पुलिस, 26 जनवरी की रात से गरिमा ने कोई फोन नहीं रिसीव किया था। उसके मोबाइल में तीन कॉल परिवारीजनों की और कुछ अखिलेश की व कई अन्य की मिस्ड काल पड़ी थीं। आशंका है कि शुक्रवार को ही देर रात गरिमा ने फांसी लगा ली। बकौल पुलिस, मृतका के मोबाइल को कब्जे में लेकर कॉल डिटेल के आधार मामले की जांच की जा रही है। परिवारीजनों के आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।