बता दें कि विश्वविद्यालय में हुई अनियमितता व अन्य गड़बड़ियों की पिछले दिनों राज्यपाल को शिकायतें मिली थीं। इसमें आईईटी के पूर्व निदेशक प्रो. विनीत कंसल व एकेटीयू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनुराग त्रिपाठी ने भी विस्तृत जानकारी राजभवन को दी थी। जिसकी प्राथमिक जांच के लिए राज्यपाल ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की एक जांच कमेटी का गठन किया था। आरोप है कि प्रो. मिश्रा व रजिस्ट्रार ने इसमें सहयोग नहीं किया और आवश्यक दस्तावेज भी जांच समिति को नहीं दिए।