अनामिका शर्मा का कहना है कि एलडीए ने अपार्टमेंट में कहीं भी बैठकर बात करने के लिए रूम बनाकर नहीं दिया। आवंटियों ने अपने पैसों से बनवाया तो एलडीए के अफसर इसे तोड़ दे रहे हैं। आखिर एलडीए चाहता क्या है।
एसपी सिंह ने बताया कि अपार्टमेंट की सड़क इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल है। एलडीए ने एकबार बनवाने के बाद अपार्टमेंट की तरफ झांक कर नहीं देखा कि आवंटियों को समस्या है कि नहीं।
आरके सिंह कहते हैं कि पानी की समस्या इतनी है कि आए दिन टैंकर मंगवाना पड़ता है। पैसे खर्च करने पड़ते हैं। अगर एलडीए लिखित में पूरी तरह सौंप दे तो हम लोगों को जो करना है वो करें।
काजल सिंह ने बताया कि आवंटियों ने आपस में पैसा जमाकर रखरखाव करवाया है। एलडीए ने भुगतान नहीं किया है। अब रोज-रोज टैंकर तो मंगवा नहीं सकते हैं। इस पर एलडीए को सोचना चाहिए।a