बिजली की किल्लत झेल रहे यूपी वालों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार बिजली का उत्पादन बढ़ाने की गंभीर कवायद करती दिख रही है। बिजली की अगले साल अक्तूबर से शहरी और ग्रामीण इलाकों को ज्यादा बिजली देने के राज्य सरकार के वादे को अमली जामा पहनाने के लिए अगली गर्मी से पहले बिजली उत्पादन 17,000 मेगावाट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
फिलहाल सूबे में बिजली की उपलब्धता 11,000-12,000 मेगावाट है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अगले महीने तक अनपरा ‘डी’ की 500 मेगावाट तथा ललितपुर परियोजना की 660 मेगावाट की पहली इकाई से पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू कराने पर जोर देते हुए कहा कि बाकी नई इकाइयों को भी अगले वर्ष मार्च तक चलवा दिया जाएगा जिससे गर्मी से पहले उपलब्धता में 5000 मेगावाट की बढ़ोतरी हो सके।
सरकार ने अगले साल अक्तूबर से शहरों को 22 तथा गांवों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा की है। इसके मद्देनजर बिजली उत्पादन बढ़ाने और अन्य प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि अनपरा ‘डी’ तथा ललितपुर परियोजना के साथ-साथ निजी क्षेत्र की बारा परियोजना से भी जल्द बिजली उत्पादन शुरू कराने का प्रयास किया जाए। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सप्लाई बढ़ाने के लिए तैयार कराए जा रहे ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का काम भी तय समय में पूरा कराने के निर्देश दिए।