खां साहब के साथ संकट यह है कि जुबां से जो निकल गया, वह हर हाल में पूरा होना चाहिए।
अफसरों से नाराजगी के राज धीरे-धीरे खुल रहे हैं। एक के बाद एक अफसर महकमे से क्यों रुखसत होते गए, इसका एक खुलासा आया है।
उनकी इच्छा है कि एक सरकारी संस्थान को अपने ट्रस्ट का हिस्सा बना दिया जाए।
काम ऐसा टेढ़ा है कि उसे करने से अफसर मना करते गए और रुखसत होते गए। किसी ने तबादला करवा लिया, तो कोई लंबी छुट्टी पर चला गया। अब साहब अपने पसंदीदा अफसर को लेकर आए हैं।
वैसे तो उनका सेवाकाल पूरा हो चुका है लेकिन उनका कार्यकाल बढ़वा दिया है। अफसर पर दबाव भी है। अब देखना है ये साहब की इच्छा पूरी कर पाते हैं या नहीं?