मेट्रो रेल के लिए दफ्तर खाली करने से ग्रामीण आजीविका मिशन ने इन्कार कर दिया है।
इससे लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) का मुख्यालय डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक स्थल के प्रशासनिक भवन में लाने की तैयारी में रोड़ आ गया है।
इस संबंध में स्मारक संरक्षण समिति के बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बावजूद ग्रामीण आजीविका मिशन के कमिश्नर की ओर से 13.50 लाख रुपये का चेक स्मारक संरक्षण समिति को जारी कर दिया गया है।
साथ ही समिति के मुख्य प्रबंधक अष्टभुजा प्रसाद तिवारी को इस संबंध में एक पत्र भेजा गया है। समिति ने पत्र के विषय में शासन को भी जानकारी दे दी गई है।
जहां से तय हुआ है कि अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तय करेंगे कि स्मारक का प्रशासनिक भवन एलएमआरसी को मिलेगा या ग्रामीण आजीविका मिशन के पास ही बना रहेगा।
एलएमआरसी को नए पदों पर भर्ती के साथ ही अब बड़े आफिस की जरूरत है। एलएमआरसी ने इसलिए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक स्थल के सामने स्थित प्रशासनिक भवन की मांग की है।
इसको लेकर स्मारक संरक्षण समिति भी राजी है। पिछले दिनों समिति के बोर्ड में प्रस्ताव पास किया गया था कि ग्रामीण आजीविका मिशन को नोटिस जारी कर यह ऑफिस मेट्रो को दे दिया जाए, लेकिन वह छोड़ने को राजी नहीं है।
मिशन की ओर से स्मारक संरक्षण समिति को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उसकी तरफ से समिति के साथ रेंट एग्रीमेंट को लेकर कई बार कोशिशें की गईं।
स्मारक समिति के अधिकारियों से संपर्क करने के प्रयास किए गए, लेकिन एग्रीमेंट नहीं हो सका। मिशन ने स्मारक समिति अब तक का किराया देने के साथ ऑफिस उसी के पास रहने देने की अपील की।
हालांकि स्मारक समिति की ओर से यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया है। इस संबंध में मुख्य प्रबंधक अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने वाह्य सहायतित परियोजना सलाहकार मधुकर जेटली को जानकारी दे दी है।