कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गंगा में उतराते शवों के मामलों की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह अमानवीय और आपराधिक मामला है। इस तरह के मामलों की हाईकोर्ट के जज से जांच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस की यूपी प्रभारी ने कहा कि प्रदेश में जो हो रहा वह अमानवीय एवं आपराधिक है। सरकार छवि बनाने में व्यस्त है, जबकि लोग अकल्पनीय पीड़ा से गुजर रहे हैं। इस तरह के मामलों की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाकर जांच करवाई जानी चाहिए। कांग्रेस महासचिव की यह टिप्पणी बलिया में गंगा व बिहार में कुछ जगहों पर शवों के उतारते मिलने की खबरों के बीच आई है।
कांग्रेस महासचिव ने ट्वीट करके कहा है कि बलिया और गाजीपुर में गंगा में शव उतराते मिल रहे हैं। उन्नाव में नदी के किनारों पर बड़े पैमाने पर शवों को दफन किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसा लगता है कि लखनऊ, गोरखपुर, झांसी और कानपुर जैसे शहरों से आधिकारिक संख्या काफी कम बताई जा रही हैं।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बृहस्पतिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके प्रियंका की मांग का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने इस प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधि, मंत्री और विधायक लगातार अपनी ही सरकार की नाकामियों के पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने कहा, नदियों के तट तक बह कर आए इनमें से कई शव पीपीई किट में लिपटे हैं, जिसे आवारा जानवर नोच खसोट रहे हैं।
अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया है कि सरकार झूठे आंकड़े पेश करके कोरोना संक्रमण रोकने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा, गांवों की ओर बढ़ रहे इस महामारी से निपटने के लिए सरकार प्रदेश के हर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आक्सीजन, चिकित्सक और अन्य जीवनरक्षक दवाओं एवं उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करे।