कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दो दिनी नव संकल्प शिविर में बेबाकी से अपनी बात रखी। हार के कारणों पर चर्चा के साथ ही वर्ष 2024 के चुनाव के लिए तैयार होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता से हमारा जितना संवाद होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया। जनता के हर सुख-दुख में शामिल होना शुरू करना होगा।
प्रियंका ने कहा कि कई आयोजन कांग्रेस कार्यालय पर होते हैं, उसमें पार्टी के कार्यकर्ता व नेता ही शामिल होते हैं। देखना यह है कि पब्लिक के लोग कितने शामिल हुए। यह ज्यादा जरूरी है कि हम नए लोगों को जोड़ सकें। उन्होंने कहा कि डगर मुश्किल है, पर हम न थकेंगे और न ही रुकेंगे। जो गलती हुई है, उनको सुधारना पड़ेगा।
विधानसभा चुनाव के दौरान हम सब जानते थे कि परिस्थितियां बेहद खराब हैं लेकिन हम पीछे नहीं हटे। मुझे पूरा यकीन है कि हम सब मिलकर बदलाव लाएंगे।
उन्होंने कहा कि कौन कितना काम कर रहा है, इसका मूल्यांकन भी होगा।
कार्यकर्ता मेरा भी मूल्यांकन करके बताएं। उदयपुर के शिविर में जो संकल्प लिए गए, उन पर विचार करके उन्हें बेहतर ढंग से लागू करने पर मंथन किया जाएगा। याद रखें कि कांग्रेस की विचारधारा ने देश की नींव रखी। हम सब संकल्प लें कि एक नई ऊर्जा से आगे बढ़ेंगे।