स्थायी और सक्रिय नेतृत्व को लेकर उठे विवाद के बाद कांग्रेस संगठन में भारी बदलाव हुआ है। अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बड़े फेरबदल के तहत पांच महासचिवों की छुट्टी कर दी है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखने वाले 23 असंतुष्ट नेताओं में शामिल रहे गुलाम नबी आजाद सहित पांच नेता शामिल हैं।
हालांकि पत्र लिखने वालों शामिल मुकुल वासनिक को स्थायी तौर पर मध्य प्रदेश का जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही जितिन प्रसाद को पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा अब पूरे उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।
शुक्रवार को जारी पदाधिकारियों की सूची के मुताबिक आजाद के साथ ही मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी, मल्लिकार्जुन खरगे, लुइजिन्हो फ्लेरियो को महासचिव पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति का भी पुनर्गठन किया गया है।
इसमें पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम, तारिक अनवर, रणदीप सुरजेवाला और जीतेंद्र सिंह को जगह दी गई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने कामकाज में सहयोग के लिए एक समिति गठित की है। इसमें एके एंटनी अहमद पटेल समेत छह नेता शामिल हैं। हालांकि आजाद के साथ ही पत्र लिखने वाले आनंद शर्मा कार्यसमिति के नियमित सदस्य बने रहेंगे। हालांकि जितिन प्रसाद को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। पहले जितिन विशेष आमंत्रित सदस्य थे।