कोरोना संकट के बीच अभिभावकों को राहत देने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन ने पटेल बुधवार को यूपी स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश को मंजूरी दे दी। इसके मंजूरी से अब प्रदेश के वित्तविहीन विद्यालय इस साल फीस में वृद्धि नहीं कर सकेंगे।
निजी विद्यालयों के शुल्क को नियंत्रित करने का अधिकार सरकार के पास रहेगा। कोरोना के चलते सरकार ने इस वर्ष वित्तविहीन विद्यालयों में शुल्क वृद्धि न करने, लॉकडाउन में ट्रांसपोर्टेशन फीस न लेने, एक मुश्त फीस वसूली का दबाव न बनाने व शुल्क के अभाव में विद्यार्थी को स्कूल से न निकालने का आदेश जारी किया था।
इसके खिलाफ स्कूलाें ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सरकार अध्यादेश लाई। सरकार ने विद्यालयों की मनमानी फीस वसूली के मामलों में जिला स्तरीय नियामक समिति के फैसलों की अपील के लिए अब मंडलीय स्तर पर अपील की व्यवस्था भी लागू कर दी है।