आरटीई के तहत चयनित बच्चों को दाखिला देने से निजी स्कूल पीछे हटे
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने से इनकार करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। बाल गाइड स्कूल, विश्वनाथ एकेडमी और एमआर जयपुरिया स्कूल ने पहले बच्चों को दाखिला देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन मंगलवार को तय समय पर किसी भी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने बताया कि इन स्कूलों की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) रद्द कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक (जेडी माध्यमिक) को पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही मान्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों को कई बार समय और अवसर दिया गया, लेकिन हर बार नियमों की अनदेखी की गई। विभाग ने उन स्कूलों की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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आरटीई में 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित: आरटीई अधिनियम के अनुसार, किसी भी निजी स्कूल की कुल छात्र संख्या के 25 प्रतिशत सीटें गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इस बार बीएसए कार्यालय की ओर से प्रत्येक स्कूल में केवल 10 बच्चों को दाखिला देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रबंधनों ने बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया।