बुधवार से शुरू पोर्टल पर पहले दिन 71 में से 25 निजी अस्पतालों ने ही ब्योरा दिया। इसके हिसाब से कुल 665 बेड खाली दिख रहे हैं। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने में ऑक्सीजन की समस्या है।
राजधानी लखनऊ में कोविड बेड की संख्या उपलब्ध कराने की कवायद अस्पतालों की मनमानी से परवान नहीं चढ़ पाई है। बुधवार से शुरू पोर्टल पर पहले दिन 71 में से 25 निजी अस्पतालों ने ही ब्योरा दिया। इसके हिसाब से कुल 665 बेड खाली दिख रहे हैं। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने में ऑक्सीजन की समस्या है।
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जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालों को पोर्टल पर सूचना अपलोड करने के लिए कहा था। एक हफ्ते से इसकी तैयारियों के बावजूद दावे हवा-हवाई साबित हुए। सुबह 10 बजे तक सिर्फ आठ अस्पतालों ने ही बेड की संख्या अपलोड की थी। देर रात यह आंकड़ा 25 पहुंचा। वहीं, पोर्टल पहले ही दिन दोपहर को ठप हो गया। हालांकि, शाम को यह फिर शुरू हो गया।
इन्होंने अपलोड किया ब्योरा
अथर्व मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मेयो, चंदन, मेदांता, डॉक्टर ओपी चौधरी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, निशात, अपोलो मेडिक्स टेंडर पॉम हॉस्पिटल, करियर मेडिकल कॉलेज, एसजीपीजीआई, प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, राम सागर मिश्रा, केजीएमयू, चरक, मां चंद्रिका देवी हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर, सिप्स, जगरानी, केके हॉस्पिटल, सीएमएस हॉस्पिटल, राधा कृष्ण सरकार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रॉकलैंड, बाबा हॉस्पिटल, श्री साईं हॉस्पिटल मेडिकल हॉस्पिटल।
बलरामपुर, लोहिया संस्थान, लोकबंधु और रेलवे अस्पताल ने बेड संबंधी जानकारी दर्ज नहीं की। वहीं, इंटीग्रल, कैरियर, एरा, हिन्द और टीएसएम में कितने बेड खाली हैं, इसका ब्योरा अपलोड नहीं किया। अस्पतालों के बेडों का ब्योरा www.dgmhup.gov.i पर देख सकते हैं।