लखनऊ। माल में डेंगू बताकर बच्चे की जान से खिलवाड़ करने वाले अवैध निजी अस्पताल पर कार्रवाई करने के बजाय अफसरों ने पंजीकरण कर उसे वैध कर दिया। खास बात है कि अस्पताल प्रशासन से जुर्माना तक नहीं वसूला गया। अफसरों ने अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया और पोर्टल पर इसकी रिपोर्ट लगा दी।
पीरनगर निवासी अजीत के बेटे अविश की 12 मार्च को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे माल के मां अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां जांच के बाद डेंगू की पुष्टि करते हुए प्लेटलेट्स 33 हजार तक बताई गई। बच्चे को प्लेटलेट्स चढ़ाई गईं। परिजनों ने वसूली का भी आरोप लगाया था।