इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेयक पारित करने के विरोध में बुधवार को हड़ताल का एलान किया है। बुधवार सुबह छह बजे से बृहस्पतिवार सुबह छह बजे तक निजी डॉक्टर ओपीडी में मरीज नहीं देखेंगे। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चलती रहेंगी। राष्ट्रीय कमेटी के आह्वान पर राजधानी में भी आईएमए से जुड़े डॉक्टर काम नहीं करेंगे।
आईएमए के अध्यक्ष प्रो. जीपी सिंह ने क हा कि एसोसिएशन का मानना है कि यह विधेयक गरीबों, छात्रों और लोकतंत्र का विरोधी है। देशभर के हजारों डॉक्टर इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। महासचिव प्रो. जेडी रावत ने बताया कि नए बिल में व्यवस्था दी गई है कि एमबीबीएस करने के बाद अंतिम वर्ष में छात्रों को एग्जिट एग्जाम देना होगा।
इसी तरह पीजी के इंट्रेस एग्जाम में शामिल होने वाले छात्र को दोबारा मौका नहीं मिलेगा। एक बार जिस विभाग की सीट मिल गई, छात्र को उसी पर प्रवेश लेना होगा। इसी तरह अन्य कई व्यवस्थाएं मेडिकल एजुकेशन को प्रभावित करेंगी।