लखनऊ। शहर के 77 वार्डों में सफाई काम करने वाली निजी कंपनी रामकी को एक मीटर तक चौड़ी नालों की सफाई का काम भी करना है लेकिन वह नहीं कर रही है। ऐसे में बारिश आने पर जलभराव की समस्या होना तय है। निजी कंपनी ने यह पेंच फंसाते हुए काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं कि जिन नालों की सफाई उसको करनी हैं उनमें ज्यादातर पर अतिक्रमण है। ऐसे में सफाई नहीं हो सकती।
रामकी कंपनी करीब दो साल से शहर के 77 वार्डों में कूड़ा प्रबंधन का काम कर रही है। इसमें उसको सड़कों की सफाई और घरों से कूड़ा कलेक्शन के साथ ही एक मीटर तक की चौड़ी नाली-नालों की सफाई का काम भी करना है। अब बारिश से पहले जहां नालों की सफाई काम एक महीने के अंदर पूरा किया जाना है तब रामकी कंपनी ने अपने हिस्से की नाली-नालियों की सफाई में पेंच फंसा दिया है। उसका कहना है कि कई इलाकों में नालियों पर कब्जे हैं ऐसे में सफाई नहीं की जा सकती। इसको लेकर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि यदि कहीं पर अतिक्रमण की समस्या है तो वहां पर दूर कराकर नालियों और नालों की सफाई कराई जाएगी।