लखनऊ। मोहनलालगंज, गोमती नगर और ठाकुरगंज में तीन लोगों ने फंदा लगा कर जान दे दी। तीनों घटनाओं में खुदकुशी का कारण पता नहीं चल सका।
गोसाईगंज के छुरिया मऊ के रहने वाले धीरज कुमार (22) ने शुक्रवार को फंदा लगाकर जान दे दी। वह तीन साल से मोहनलालगंज के शिव धारा गांव स्थित ननिहाल में रह रहे थे। वह निजी कंपनी में काम करते थे। 29 अप्रैल को उनके मामा का तिलक था और 13 मई को शादी होनी थी। मामा मिथुन के बताया कि बृहस्पतिवार शाम भांजा धीरज बिना कुछ बताए घर से कहीं चला गया था। फिर वह अगले दिन सुबह करीब छह बजे घर आया था। कुछ देर घर में रुकने के बाद वह फिर बाहर चला गया। थोड़ी देर बाद ग्रामीणों को भांजे का शव गांव के बाहर लगे शीशम के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका दिखा। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस को छानबीन में पेड़ के ऊपर धीरज का मोबाइल रखा मिला। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में ले लिया। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज ने बताया कि धीरज के खुदकुशी करने का कारण पता नहीं चल सका है। घरवालों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
उधर, गोमतीनगर के विराम खंड-4 में इलेक्ट्रीशियन सत्येंद्र मिश्रा (37) पत्नी नेहा, एक बेटा और एक बेटी के साथ रहते थे। भाई शंभू नाथ मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार करीब चार बजे भाई काम से लौटकर अपने कमरे में चले गए। कुछ देर बाद जब भाभी कमरे में पहुंचीं तो उन्हें भइया पंखे से गमछे के सहारे लटके मिले। चीख पुकार सुन आस पड़ोस के लोग जमा हो गए। आनन-फानन लोगों ने उन्हें लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि घरवालों की तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, ठाकुरगंज के मुफ्तीगंज निवासी जुगल किशोर के मुताबिक बेटा आयुष (22) गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। 28 अप्रैल को बेटी नैंसी की शादी थी। शुक्रवार को बेटी की चौथी लेने के लिए बेटे को जाना था। बृहस्पतिवार देर रात दो बजे छोटी बेटी मुस्कान जब अपने कमरे से बाहर निकली तो उसे आयुष जीने की रेलिंग से तार के सहारे लटका मिला। चीखने पर घरवालों की भी आंख खुल गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ने बताया कि मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। आयुष के परिवार में पिता के अलावा मां मोहिनी देवी और तीन बहने हैं।