प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेकर आप अपना आशियाना बनाना चाहते हैं तो निजी रियल इस्टेट कंपनियों की ओर से योजना में बुकिंग को लेकर जारी किए जा रहे लुभावने विज्ञापनों के झांसे में न आएं।
दरअसल, योजना की नोडल एजेंसी राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की ओर से अब तक एक भी प्रोजेक्ट (सरकारी या निजी कंपनी) पास नहीं किया गया है। इतना ही नहीं योजना को लेकर जो डिमांड सर्वे कराया गया था, उसकी भी सत्यापित सूची अभी तैयार नहीं हो पाई है, जिससे यह साफ हो सके कि सरकार कितने लोगों को योजना के तहत सब्सिडी का लाभ देने वाली है।
ऐसे में आप फायदे की बजाए परेशानी में फंस सकते हैं। हाल ही में कई निजी कंपनियों की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना में बुकिंग को लेकर बड़े विज्ञापन जारी किए गए हैं।
इसके बाद अब सूडा की ओर से विशेष सूचना भी जारी की गई है, जिसमें लोगों को आगाह किया गया है कि सूडा ने किसी भी निजी व्यक्ति या संस्था को पीएम आवास योजना के तहत राशि जमा करने के लिए अधिकृत नहीं किया है।
साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि कोई व्यक्ति या संस्था अवैध रूप से योजना का लोगो और नाम इस्तेमाल करती पाई गई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सूडा के मुख्य अभियंता कंवलजीत सिंह ने बताया कि अभी पीएम आवास योजना में कोई प्रोजेक्ट पास नहीं हुआ है।
अभी फार्मा की फीडिंग और उनके सत्यापन का काम चल रहा है। योजना के तहत सब्सिडी देने के लिए प्रोजेक्ट का सूडा से पास होना आवश्यक है। बिना मंजूरी सब्सिडी का फायदा लाभार्थी को नहीं मिल पाएगा।
जानिए, क्या है पीएम आवास योजना
डेमो पिक
प्रधानमंत्री आवास योजना में एर्फोडेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप में सरकारी और निजी एजेंसी के लिए यह प्रतिबंध है कि वह 35 प्रतिशत ईडब्लूएस मकान बनाएगी और योजना 250 आवासों से कम की नहीं होनी चाहिए।
इसके आधार पर ही केंद्र सरकार एर्फोडेबल योजना को मंजूरी देगी। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन करने वाले के लिए आय सीमा सालाना तीन लाख और एलआईजी के लिए छह लाख रुपये रखी गई।
इससे योजना में बड़ी तादाद में लोगों ने मकान के लिए आवेदन किया। प्रदेश भर में करीब 31 लाख और राजधानी में करीब तीन लाख लोगों ने आवेदन किया है।
सब्सिडी सिर्फ ईडब्लूएस पर
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
योजना के तहत सिर्फ ईडब्लूएस के मकान पर 2.50 लाख रुपये सब्सिडी लाभार्थी को दी जाएगी। यदि लाभार्थी खुद मकान का निर्माण करता है तो उसे यह निर्माण की स्थिति के आधार पर दो से तीन बार में दी जाएगी।
लाभार्थी किसी सरकारी निर्माण एजेंसी से आवास खरीदता है तो उतनी कीमत कम कर दी जाएगी। इसमें यह आवश्यक है कि उस निर्माण एजेंसी का प्रोजेक्ट सूडा से पास हो। किसी प्राइवेट एजेंसी से मकान लेने पर सब्सिडी लाभार्थी के खाते में दी जाएगी। कुल मिलाकर सब्सिडी लाभार्थी को ही दी जानी है।
एलआईजी पर इस तरह मिलेगी ब्याज में छूट
एलआईजी आवास में सब्सिडी के बजाय ब्याज में छूट दी जाएगा। उसमें 6 लाख रुपये तक लोन पर ब्याज दर में 6.5 प्रतिशत की छूट, 9 लाख रुपये तक लोन पर ब्याज दर में 4 प्रतिशत की छूट और 12 लाख तक लोन पर ब्याज दर में 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
ऐसे मिलेगा लाभ
डेमो पिक
- फोटो : डेमो फोटो
-लाभार्थी खुुद (व्यक्तिगत 30 वर्म मीटर तक) आवास निर्माण करना चाहता है तो भी उसे भी ईडब्लूएस वर्ग के लाभार्थी के तौर पर 2.50 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
-कोई ईडब्लूएस का मकान वाला अपने मकान का विस्तार करना चाहता है तो उसे भी योजना के तहत 2.50 लाख रुपये की मदद मिलेगी।
-निजी या सरकारी विभाग योजना के तहत आवास बनाएंगे तो भी लाभार्थी को विक्रय मूल्य में 2.50 लाख की छूट दी जाएगी और शेष पैसा 15 साल की किस्तों में लिया जाएगा।