जल्द ही पड़ोसी राज्यों के कई शहरों का सफर अच्छी बस सुविधा
मिलने से आसान हो जाएगा।
सरकार के 460 नेशनल व स्टेट हाईवे पर निजी सवारी
वाहनों को परमिट देने से मना करने के बाद अब कई पड़ोसी राज्य यूपी से
समझौता करने को राजी हो गए हैं।
परिवहन विभाग इन राज्यों के बसों के
मार्गों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। समझौता होने के बाद दोनों
एक-दूसरे के यहां चिह्नित रूटों पर बस सेवाएं संचालित कर सकेंगे।
उत्तर
प्रदेश परिवहन विभाग की दिल्ली, बिहार, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा से
विभिन्न मार्गों पर बसों के संचालन को लेकर बातचीत चल रही है। परिवहन विभाग
के मार्ग फाइनल करने के बाद जल्द ही समझौते पत्र पर हस्ताक्षर होने की
उम्मीद है।
इन राज्यों से यह समझौते काफी समय पहले हो जाते, लेकिन उसमें एक
पेंच फंस गया था। दरअसल, मायावती सरकार के समय 460 नेशनल व स्टेट हाईवे को
परिवहन निगम के साथ ही निजी सवारी वाहनों को भी परमिट देने का निर्णय किया
गया था।
यूपी सरकार के इस निर्णय को दूसरे राज्यों ने मानने से इन्कार कर
दिया था। लिहाजा प्रदेश से दूसरे राज्यों ने समझौता नहीं किया।
अब अखिलेश
यादव की सरकार ने मायावती सरकार के उस फैसले को पलटते हुए 460 नेशनल व
स्टेट हाईवे पर निजी सवारी वाहनों को परमिट देने से मना कर दिया है।
यानी
अब परिवहन निगम की बसें ही इन चिह्नित मार्गों पर चल सकेंगी। यूपी सरकार ने
इस फैसले की जानकारी दूसरे राज्यों को भी दे दी है। ऐसे में अब पड़ोसी
राज्य यूपी से समझौता करने को राजी हो गए हैं।
प्रदेश के लोगों को मिलेगी काफी सहूलियत समझौता
के बाद प्रदेशवासियों को इन राज्यों में आने-जाने की सुविधा मिल जाएगी।
बिहार के साथ समझौते को काफी अहम माना जा रहा है।
यूपी व बिहार के काफी
लोगों का एक-दूसरे के शहरों में आना-जाना होता है। दिल्ली, पंजाब व हरियाणा
के साथ समझौते होने से इनके कई शहरों से प्रदेश को जोड़ा जा सकेगा।