प्रमुख सचिव स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी
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प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी ने शनिवार सुबह 10.30 बजे सिविल अस्पताल का दौरा कर डेंगू मरीजों के इलाज की व्यवस्था देखी। सबसे पहले पुरानी बिल्डिंग के डेंगू वार्ड पहुंचे प्रमुख सचिव ने वहां भर्ती मरीज अर्चना बाजपेई दवा और इलाज के बारे में पूछा। अधिकारियों को निर्देश दिया डेंगू मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज मुहैया कराया जाए। इसके बाद उन्होंने कार्डियक आईसीसीयू की व्यवस्थाओं को देखा। इस मौके पर निदेशक डॉ. डीएस नेगी, डॉ. आशुतोष दुबे, डॉ एके सिंह समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
मच्छरदानी न होने पर मांगा जवाब
प्रमुख सचिव ने डेंगू वार्ड के बगल में जनरल वार्ड है। वहां पर भी डेंगू के संदिग्ध मरीज भर्ती होते हैं। उनके बेड पर मच्छरदानी न लगी होने पर निदेशक से पूछताछ की। निदेशक ने मरीजों को डेंगू पॉजिटिव न होने की बात कही।
डेंगू नियंत्रण में लापरवाही बरतने पर लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर के अधिकारियों को प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी ने शनिवार को जमकर फटकार लगाई। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने डेंगू प्रभावित जिलों के सीएमओ और नगर निगम के अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने विकास भवन सचिवालय में डेंगू की रोकथाम व बचाव की समीक्षा करते हुए कहा कि एएनएम और आशा की टीमें घर-घर जागरूकता का प्रचार-प्रसार करें। नगर निगम के अधिकारियों से उन्होंने कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में लाउडस्पीकर के माध्यम से डेंगू की जानकारी और नियंत्रण के बारे में प्रचार करवाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से डेंगू के मरीजों का वास्तविक और निजी पैथोलॉजी लैब का आंकड़ा लेने के निर्देश दिए।
सीएमओ लखनऊ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने प्रमुख सचिव को बताया कि जिले में अधिकृत तौर पर 36 प्राइवेट लैब हैं। इनमें से मात्र 12 लैब एलाइजा टेस्ट कर सकती हैं। इसी से डेंगू का वास्तव में पता चलता है। इसकी रिपोर्ट छह घंटे के बाद मिलती है। इस पर प्रमुख सचिव ने एलाइजा टेस्ट करने वाली लैब से डेंगू मरीजों की रिपोर्ट मंगाने के निर्देश दिए।
सीएमओ कानपुर नगर को उन्होंने चौराहों और टैफिक सिग्नल पर डेंगू जागरूकता की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वहीं प्रयागराज सीएमओ को एएनएम-आशा के माध्यम से प्रचार-प्रसार और नगर निगम की मदद से साफ-सफाई कराने के लिए कहा गया। बैठक में सचिव वी हेकाली झिमोमी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।